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ईश्वर


किसकी है ये ज़मीं आसमां किसका है कौन पूछता है यहां कि कौन किसका है यहां सबको अहम् है मगर ये सबका वहम है गुजारते हों यहां हरपल जो खुशियों की घड़ियां जानते हो हम पर ये किसका रहम है।

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