एक दिन किसी सफ़र पे में अपनी ही धुन में चला जा रहा था कि अचानक मैंने देखा किसी गांव के रास्ते में एक सपेरा बीन बजा रहा था और उस बीन पर सांप को नचा रहा था में बड़े अचंभे से देख रहा था कि सांप की बीन से क्या बातें हो रही है कि अचानक लोगों ने ताली बजायी और कुछ लोगों ने पैसे दिए ये देखकर मैं हैरान था कि सांप का बीन से क्या रिश्ता था सपेरे ने बीन को उठाकर अपने झोले में रख लिया और सांप को उठाकर टोकरी में रख लिया क्या यही दोस्ती थी सपेरे और सांप की।