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उष्णता


पुरानी रद्दी को फाड़ करजब माँ …सर्दियों मेंअँगीठी जलाती थीउसकी उष्णता,संसार के किसी भीऊष्मा स्रोत में नहीं मिलती।क्योंकि उस में मिला होता थास्पर्श,स्नेह, संपूर्णता और सानिध्य।———————-

— सरिता डांगी
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