क़त्ल कर दिए

कलाम उन्होंने

वो तमाम मेरे,

जिनमे उनकी 

बेवफ़ाई के

क़िस्से थे।

ना सोचा क़त्ल

से पहले कि वो,

मेरी रूह ही नहीं

बल्कि मेरी जान,

मेरी क़लम,

मेरी पहचान

का हिस्सा थे।

------------------

डॉ सरिता डागी✍️✍️✍️