परिंदों की दुनिया में 

कभी झाँक के देखा है?

झाँक लेना कभी, 

शाम होने से पहले।

तिल-तिल करके

घर बनाते है वो,

सोचना दस बार,

उन्हें किसी शाख़ पर से 

उड़ाने से पहले।

तिनके तिनके,

डाली पर निर्भर है वो,

सोचना दस बार

किसी जंगल को

जलाने से पहले।

उड़ने का शानदार 

हुनर है उनमें,

याद रखना तूँ बस

इस बात को इंसान,

ज़रूरत से ज़्यादा

इतराने से पहले।

परिंदों की दुनिया......


डा सरिता डांगी✍️✍️

Pic credit :

@ParweenKaswan