कभी किसी फ़क़ीर कोनसीहत मत देना।उसने बचपन से सीधेबुढ़ापे देखे है।तुम्हें तो सुध नही हैइस एक जमाने की,उसने रात भर मेंकई जमाने देखे है।—————-डा सरिता डांगी✍️✍️