साड़े तीन शब्द
की ज़िंदगी में
ढाई शब्द का प्रेम है।
दो शब्द के बाबा,
एक शब्द की माँ है,
जिनका प्रशंसनीय वर्णन
किसी भी
कविता या उपन्यास में
नहीं किया जा सकता।
ऐसा है मेरा
ये छोटा सा परिवार,
मेरा छोटा सा सारांश।
—————————-
डा सरिता डांगी✍️✍️✍️


साड़े तीन शब्द
की ज़िंदगी में
ढाई शब्द का प्रेम है।
दो शब्द के बाबा,
एक शब्द की माँ है,
जिनका प्रशंसनीय वर्णन
किसी भी
कविता या उपन्यास में
नहीं किया जा सकता।
ऐसा है मेरा
ये छोटा सा परिवार,
मेरा छोटा सा सारांश।
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डा सरिता डांगी✍️✍️✍️