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ख़त


धुंधली तेरी तस्वीर लेकरसीने के पार करके,रोये बार-बारआज तुझको याद करकेटूट बैठी आजपूरी तरह से मैंकहाँ छिप गये हो तुममुझे यूँ बेक़रार करकेरोये बार-बार आज तुझको याद करके

सरिता डांगी

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