‪अटल मेरे वादे थे‬

‪अटल ही इरादे थे।‬

‪सशक्त विचारो से ‬

‪सम्पूर्ण, ‬

सपने मेरे सादे थे।‬

‪आज नही हूँ मै, तो क्या?‬

गर्व था मुझे खुद पर क्योंकि

‪क़ानून के दायरे में लिपटे‬

‪धरा से जुड़े, ‬

‪आसमाँ से ऊँचे,‬

‪मेरे अपने क़ायदे और इरादे थे.....‬


‪डा सरिता डांगी✍️✍️✍️‬

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‪@AtalBihariV ‬