कुछ इस तरह छुआ,

बारिश ने

मुझ को आज

कि मन

फूल सा खिल उठा

देह चंदन सी महक उठी

बूँदें मोती सी बन गयी

और मैं

माला सी बिखर गयी।

------------------

डॉ.सरिता डांगी✍️✍️✍️