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बारिश.........


कुछ इस तरह छुआ,बारिश नेमुझ को आजकि मनफूल सा खिल उठादेह चंदन सी महक उठीबूँदें मोती सी बन गयीऔर मैंमाला सी बिखर गयी।------------------

— डॉ.सरिता डांगी✍️✍️✍️
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