तुझे हर बात पे,आदाब ज़िंदगीपर पहले थोड़ा,आबाद तो कर।गुमनाम सी हुईइन शामों में,सरगम सीआवाज़ तो कर।बांध ना फंदेगलो में यु ही किसी केसाँसो को कुछआज़ाद तो कर।—————————————————डा सरिता डांगी✍️✍️
तुझे हर बात पे,आदाब ज़िंदगीपर पहले थोड़ा,आबाद तो कर।गुमनाम सी हुईइन शामों में,सरगम सीआवाज़ तो कर।बांध ना फंदेगलो में यु ही किसी केसाँसो को कुछआज़ाद तो कर।
—————————————————डा सरिता डांगी✍️✍️