जरूरतें
आज जरूरत है देश में
अच्छी मानसिकता लाने का
रोगियों के मानवाधिकार के लिए
गंभीरता से सोचने का
इनके लिए अपनी मानसिकता को
हर संभव बदलने का
एड्स अकेला रोग नहीं ऐसा
जिसके पीड़ितों को अपमान का
सामना है करना पड़ता
अशोभनीय है इनसे भेद भाव करना
कुष्ट रोगों से पीड़ित भी अक्सर
समाज द्वारा धिक्कारे जाते हैं
कई समाज सुधारकों ने ऐसी मानसिकता को
अथक प्रयास से बदला है
जिसके कारण आज स्थिति
हर संभव नियंत्रित है
आज जरूरत है उन्हें भी
वही हैसियत देने की
जो देश के अन्य नागरिक को प्राप्त हो
जरूरत है जन स्वास्थ्य के ढाँचे को
हर संभव बदलने का
लोगों के सोच से पूर्वाग्रहों को
हर संभव दूर करने का
आज जरूरत है देश में
अच्छी मानसिकता लाने का
रोगियों के मानवाधिकार के लिए
गंभीरता से सोचने का ।


