अक्सर साँसे अटक सी जाती केहने एक सच्चाई से पसंद करने लगा हूँ उनको इस दिल की गेहराई से डर लगता है बस इसी बात से रूठ न जाये वो हालात से मिलेंगे न फिर वो तन्हाई से मिलेंगे न फिर वो शेहनाई से प्यार करूं मैं उनसे यारों या उनकी परछाई से ।