बड़ी देर तक जलाया है अरमानों को मशालों की तरह,कैसे बदलते है तकदीरों को कोई बता तो दे !सहमा है मेरा दिल इस दुनिया के रंग से,ए वक़्त तेरे साथ चल सकु कुछ ऐसा फलसफा तो दे !!
बड़ी देर तक जलाया है अरमानों को मशालों की तरह,कैसे बदलते है तकदीरों को कोई बता तो दे !
सहमा है मेरा दिल इस दुनिया के रंग से,ए वक़्त तेरे साथ चल सकु कुछ ऐसा फलसफा तो दे !!