हर तरफ कश का धुआँ,धुँए में ओझल सच|सच है छिपाना मुश्किल,ये देश है गरीब बेरोज़गार किसान||
हर तरफ कश का धुआँ,धुँए में ओझल सच|
सच है छिपाना मुश्किल,ये देश है गरीब बेरोज़गार किसान||