"घिसने लगे हैं लिबास मेरी रूह के,

यादो के जो‌ तूने बख्शे थे ,

कुछ अशरफियां और मिल जाती

तेरी मुलाकात की , तेरी मर्जी से,

कुछ कुर्ते तेरी यादो के सी लूं ,

सुरमा तेरे सपनो का आंखो के लिए ले आऊं"

- संवाद अर्जी का