"घिसने लगे हैं लिबास मेरी रूह के,यादो के जो तूने बख्शे थे ,कुछ अशरफियां और मिल जातीतेरी मुलाकात की , तेरी मर्जी से,कुछ कुर्ते तेरी यादो के सी लूं ,सुरमा तेरे सपनो का आंखो के लिए ले आऊं"
"घिसने लगे हैं लिबास मेरी रूह के,यादो के जो तूने बख्शे थे ,
कुछ अशरफियां और मिल जातीतेरी मुलाकात की , तेरी मर्जी से,
कुछ कुर्ते तेरी यादो के सी लूं ,सुरमा तेरे सपनो का आंखो के लिए ले आऊं"