गिरा जहाँ पर खून वहां का , पत्थर-पत्थर जिन्दा है जिस्म नहीं है मगर नाम का, अक्षर-अक्षर ज़िंदा है. जीवन में यह अमर कहानी , अक्षर-अक्षर गढ़ लेना शौर्य कभी सो जाए तो , चंद्रगुप्त और सम्राट अशोक को पढ़ लेना...