मुझे जीवंत अभिनय देखना है 

...यूँ ही...बस  

थोड़ा इमोशनल होना है...

ये साली ज़िन्दगी...

रोग बन गयी है...

आज कल चीजों पर यकीन करना मुश्किल है 

जैसे मुश्किल है रेगिस्तान में मिले 

तालाब पर यकीन करना,

जैसे मुश्किल है यकीन करना 

कि इरफ़ान अब तुम नहीं हो...  

मुझे बस रोना है,

नहीं, मै दुखी नहीं हूँ...

मुझे बस यूँ ही थोड़ा इमोशनल होना है...