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जीयो "ज़िन्दगी"

Santosh kanoujiaSantosh kanoujia September 27, 2022
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मैं यहां भी गुजरती हूँ
मैं वहां भी गुजरती हूँ
फर्क बस इतना सा है,
अमीर मुझे ऐश मे गुजारता है
गरीब मुझे तैश मे गुजारता है..

क्या है ज़िन्दगी. ??
सुबह सुबह उठना,काम पर जाना
दिनभर की आपा धापी के बाद,
शाम होते होते तंग हो जाना..
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