आओ मिल जुल गाएं गीत नाउम्मीदी के
उम्मीदें रुलाती हैं हर उम्मीद के टूटने पर
उम्मीदें जिंदा रखती हैं लेकिन घुट - घुट के
जीवन जीने को करती हैं मजबूर
आओ मिल जुल गाएं गीत नाउम्मीदी के
शायद इससे छंट जाएं दिलों को ढांपे बादल
शायद आसमान से झांकने लगे लाल सूरज
शायद हंसी- खुशी लौट आएं अच्छे दिन फिर