उम्रउम्र का बेड़ा,आंखो की झुरिया,चेहरे की वो थकावत,हकीक़त है इस ज़िन्दगी की..सोचकर चलो तो दर्द,एहसास बनालो तो खुशी,फर्क समजलो तो कमियाबी......
उम्र
उम्र का बेड़ा,आंखो की झुरिया,चेहरे की वो थकावत,
हकीक़त है इस ज़िन्दगी की..सोचकर चलो तो दर्द,
एहसास बनालो तो खुशी,फर्क समजलो तो कमियाबी......