लखनऊ का ठाठ देखा
बनारस का घाट देखा
सुख में और दुख में
जहां सब को सब के साथ देखा
नफरतों के इस दौर में भी जहां
न कोई झगड़ा झंझट विवाद देखा
बुरे वक़्त से गुजर कर भी न जहां
हमने कभी कोई बुरा हालात देखा
न धोखा न निंदा न पीठ पीछे
कभी कोई बात देखा
जहां
हर किसी के दिलों में मैंने
बस प्यार भार जज़्बात देख
जहां ना देखा कभी किसी बात पर कोई कलेश
गर यकीन ना हो हमारे पर तो आव कभी हमारे
उत्तर प्रदेश....✍? आयुष्मान किरण

