धरती से अम्बर का इसरार हो जाता है,
बेवजह मुस्कुराहटों का करार हो जाता है।
पलों या बरस की बातें मैं नहीं कहता मगर,
तुम आते हो तो हर दिन ही इतवार हो जाता है।।
-संजू


धरती से अम्बर का इसरार हो जाता है,
बेवजह मुस्कुराहटों का करार हो जाता है।
पलों या बरस की बातें मैं नहीं कहता मगर,
तुम आते हो तो हर दिन ही इतवार हो जाता है।।
-संजू