अक्सर शादी के बाद लड़कियां,

खो देती हैं पहचान।


सीमाएं तय हो जाती हैं,

हंसना, बोलना तय हो जाता है,

इज्जत को दहेज के भार से,

तोलना तय हो जाता है।


शादी के बाद मिलती है उसे,

पैरों में अधीनता की पायल,

माथे पे एक बिंदिया जो,

बांधती है उसका दायरा,

आँखों में काजल जिसमें,

सपने न देखने की हिदायत,

हाथों में चूड़ियों की बेड़ियां,

ताकि भर न सके वो कभी,

ताउम्र कोई उड़ान।


अक्सर शादी के बाद लड़कियां,

खो देती हैं सम्मान।


◆संजू◆