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रिश्ते


रोज उनकी तस्वीर देखना,चूमना, सीने से लगाना,दिन भर की तमाम बातें,एक सांस में बतलाना।और फिर सहेज देना वहीं,बटुए की छोटी जेब में,जहाँ न जाने कितने ही,जज़्बात छिपाए जाते हैं।

कुछ रिश्ते खामोशी से भी,ताउम्र निभाये जाते हैं।

— संजू
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