तुझको पाने की हसरत की,तो क्या खता की मैंने,दिल की बंजर जमीं के लिये,बारिश की दुआ की मैंने।
तुझको पाने की हसरत की,तो क्या खता की मैंने,
दिल की बंजर जमीं के लिये,बारिश की दुआ की मैंने।