सुनो तुम रात चाँद को,खिड़की से देखते हो क्या,अगर हाँ तो बताना,मैं तुम्हारे लिये चाँद के हाथ,कोई पैगाम भेज दूंगा।अगर नहीं देखते हो,तो भी गम नहीं,मैं सुबह ओंस के साथ,अपने कुछ आंसू,तेरे नाम भेज दूंगा।
सुनो तुम रात चाँद को,खिड़की से देखते हो क्या,अगर हाँ तो बताना,मैं तुम्हारे लिये चाँद के हाथ,कोई पैगाम भेज दूंगा।
अगर नहीं देखते हो,तो भी गम नहीं,मैं सुबह ओंस के साथ,अपने कुछ आंसू,तेरे नाम भेज दूंगा।