मुझे मोह है,

अपनी पत्नी से,

बच्चों से,

माता पिता,

और मित्रों से,

मुझे चाह है,

अपने घर-गांव की,

और अपनों की छाँव की।


इनकी खुशियों के लिए,

मैं कुछ भी कर जाऊँगा।

इसलिए शायद मैं कभी,

*बुद्ध* नहीं बन पाऊँगा।


◆संजू◆