तुम्हें याद है मैं अक्सर,
सहेज कर रखता था,
पैकेट में आखिरी सिगरेट,
जैसे सम्भाली जाती है,
आखिरी उम्मीद कोई।
तुमसे बिछड़कर,
बेउम्मीद ही,
जीना सीख गया हूँ मैं,
सुनो अब वो,
आखिरी सिगरेट,
पीना सीख गया हूँ मैं।
-संजू


तुम्हें याद है मैं अक्सर,
सहेज कर रखता था,
पैकेट में आखिरी सिगरेट,
जैसे सम्भाली जाती है,
आखिरी उम्मीद कोई।
तुमसे बिछड़कर,
बेउम्मीद ही,
जीना सीख गया हूँ मैं,
सुनो अब वो,
आखिरी सिगरेट,
पीना सीख गया हूँ मैं।
-संजू