अगले जनम में हम और तुम मिलकर एक कविता लिखेंगे,

दोनों दिलों से होकर अविरल बहती एक सरिता लिखेंगे।


खुशियों की स्याही में आँसुओं की मिलावट होगी,

तितलियों के रंग होंगे, सितारों की सजावट होगी,

चन्द्रमा की चांदनी और सूरज की सविता लिखेंगे,

अगले जनम में हम और तुम मिलकर एक कविता लिखेंगे।


फूल, खुशबू, हवा, बादल सबकी बातें होंगी उसमें,

नयन, कपोल, गेसू, आँचल सब सौगातें होंगी उसमें,

पुनीत अलंकृत शब्दों से सुशोभित नयी गीता लिखेंगे,

अगले जनम में हम और तुम मिलकर एक कविता लिखेंगे।


हर शब्द हमारी कविता का जन्मों तक अक्षत रहेगा,

पन्ना पन्ना सबसे हमारी प्रीत की गाथा कहेगा,

तुम हमें राम लिखना, हम तुम्हें सीता लिखेंगे,

अगले जनम में हम और तुम मिलकर एक कविता लिखेंगे।


◆संजू◆