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झुर्रियां


मै अक्सर पढ़ना चाहता हूं,कुछ गुजरे वक्त के टुकड़ों को,

जो छोटे छोटे किस्से बन करतुम्हारे चहरे पर झुर्रियां से नजर आते है

मैं जानना चाहता हूंइन किस्सों में क्या, मैं भी एक किरदार था

— संजय
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