हजारों रातों की अनकही कहानियां समेटे,इंतजार मे उसके जाग रहीं,जो पढ़ सके मेरी आंखेरिश्ता समझ से परे है,तुम्हारे गीतों का मुझसेक्यों सुनते ही उन्हें, छलक जाती है मेरी आंखे~संजय
हजारों रातों की अनकही कहानियां समेटे,इंतजार मे उसके जाग रहीं,जो पढ़ सके मेरी आंखे
रिश्ता समझ से परे है,तुम्हारे गीतों का मुझसेक्यों सुनते ही उन्हें, छलक जाती है मेरी आंखे
~संजय