मिल सकती हर चीज़ यहाँ पर
पर सबके बाज़ार अलग हैं |
व्यापारी हर शख्स यहाँ हैं
पर सबके व्यापार अलग हैं ||
जिस्म खरीदो जान खरीदो
चाहो तो ईमान खरीदो,
गुण अवगुण की बात नहीं है
परिचय से सम्मान खरीदो,
मोल भाव करना तो जानो
हर चीजों के दाम अलग हैं|
मिल सकती हर चीज़ यहाँ पर
पर सबके बाज़ार अलग हैं |
कौन है हारा किसने जीता
बाज़ी किसके नाम रही,
हर जीत का खेल अनोखा
नहीं हो सका काम सही,
लाभ में सबका अंश बटा है
कहने को सरकार अलग है |
मिल सकती हर चीज़ यहाँ पर
पर सबके बाज़ार अलग हैं |
अन्धो के इस बड़े शहर में
आइना बेचने मैं निकला हूँ,
कौन सुनेगा किसे बताऊ
क्या दिखलाने मैं निकला हूँ,
शायद कुछ मजबूरी होगी
यूँ ही नहीं व्यवहार अलग हैं |
मिल सकती हर चीज़ यहाँ पर
पर सबके बाज़ार अलग हैं |
मैं भोला था एक अनाड़ी
अंतर समझ नहीं पाया,
सबके मुख पे देख मुखौटा
मन ही मन में घबराया,
रंगमंच क्या खूब सजा है
व्यक्ति वही किरदार अलग हैं|
मिल सकती हर चीज़ यहाँ पर
पर सबके बाज़ार अलग हैं |
व्यापारी हर शख्स यहाँ हैं
पर सबके व्यापार अलग हैं ||


