
आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |
वक्त है सारी तल्खी मिटा लीजिये
वरना फिर बाद में आप पछताएँगे |
इश्क में मैं अनाड़ी सही मानता आप तो हमसे ज्यादा समझदार थीं |
मेरे हर भूल पर रोक सकतीं मुझे
ऐसा कर सकने की आप हक़दार थीं |मुझे क्या पता मेरे अंदाज को
इतनी आसानी से ना समझ पाएंगे |
आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |
आपकी भारी पलके बयाँ कर रहीं
दूर रहके कई रातें सोयी न
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