आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |
वक्त है सारी तल्खी मिटा लीजिये
वरना फिर बाद में आप पछताएँगे |
इश्क में मैं अनाड़ी सही मानता आप तो हमसे ज्यादा समझदार थीं |
मेरे हर भूल पर रोक सकतीं मुझे
ऐसा कर सकने की आप हक़दार थीं |मुझे क्या पता मेरे अंदाज को
इतनी आसानी से ना समझ पाएंगे |
आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |
आपकी भारी पलके बयाँ कर रहीं
दूर रहके कई रातें सोयी नहीं |
सुर्ख चेहरे की रंगत है फीकी पड़ी लग रहा हमसे कम आप रोई नहीं |
जो हुआ सो हुआ सब भुला दीजिये
आइये राह में साथ हो जायेंगे |
आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |
गर शिकायत है अब भी तो सुन लीजिये
जोड़ सकते नहीं फिर तोडा ही क्यों ?दिल चुरा लेने से गर सकूं न मिला
जां भी लेते मुझे जिन्दा छोड़ा ही क्यों ?प्रश्न इतने हैं जब सामने आयेंगे
उत्तरों के समय मौन हो जायेंगे |
आइये बैठिये आमने सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे |


