उसकी आँखों में है कुछ दिख रहा है मुझे

सच है कि झूठ है, पर दिख रहा है मुझे। 


अब डी.पी. भी बदली है, स्टेट्स भी बदले हैं 

और चेहरे पे छुपी मुस्कान, दिख रहा है मुझे। 


दोस्ती में भी तो बातें हो जाती थी मुकम्मल 

अब मुहब्बत की सिफारिश, दिख रहा है मुझे। 


यूँ तो अरमान उसके भी हैं पर छुपाये बैठे हैं 

एक आग सुलग रहीं है अंदर, दिख रहा है मुझे। 


जब पूछे कोई तो कहना इश्क एक धोखा है 

पैसों से चलती है आशिकी, दिख रहा है मुझे।