मैं चला वहीं तक's image
617K

मैं चला वहीं तक

मैं चला वहीं तक, जहाँ तक निशान-ए-क़दम मिले,

हिम्मत भी थी, और क़ुव्वत भी,

मैं चला वहीं तक, जहाँ तक क़ाफ़िले मिले।

बढ़ना तो था हर हाल में, आगे मुझे,

पर क़दम थे रुके, लौटने की ज़िद लिए,

जो रास्ते में ढ

Tag: poetry और4 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!