हम या तो हिंसा का समर्थन कर सकते हैं या लोकतंत्र का।

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, निस्संदेह नहीं हो सकता,

यह कठिन हो सकता है, लेकिन हमें तय करना होगा।


~संदीप गुप्ता