कई दिनों के बाद,
आज उसकी सुबह रात सी हुई,
और शाम सुबह सी।
लगता है दुकान दारू की,
खुली थी कल,
कई दिनों के बाद।
-संदीप गुप्ता SandySoil


कई दिनों के बाद,
आज उसकी सुबह रात सी हुई,
और शाम सुबह सी।
लगता है दुकान दारू की,
खुली थी कल,
कई दिनों के बाद।
-संदीप गुप्ता SandySoil