क्यूँ ख़्वाब's image
292K

क्यूँ ख़्वाब

सुकून गर ख़ूब हैं ज़मीं पर तुझको,

तो क्यूँ ख़्वाब उड़ने के देखता है तू।

माना पंख मिले हैं तुझको,

शिद्दत से, मुद्दतों बाद,

इश्क़ आसमाँ की जगह,

धरा से लड़ा कर तो देख।

Tag: poetry और6 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!