लिख कर, कभी कभी सोचता हूँ ये क्या लिख डाला मैने,

ट्विट कर कभी कभी सोचता हूँ कि ये क्या कह डाला मैने,

नहीं! नहीं! झूठ नहीं लिखता मैं!

नहीं! नहीं! फेक न्यूज़ नहीं उड़ाता मैं! 

वैसे तो मैं बेधड़क लिखता हूँ,

लिखते वक्त लेफ़्ट राइट नहीं देखता हूँ, 

पर लिखकर फिर सोचता हूँ,

सोचता हूँ, कहीं उसके जैसा तो नहीं लिख डाला मैने,

वही जो सिर्फ सच लिखता है, 

रूस्वाई ज़माने की मोल लिए बैठा है,

सोचता हूँ ये सच आपको भी बता ही दूँ,

कि कभी कभी सच भी लिखता हूँ मैं।


-संदीप गुप्ता SandySoil