जियो खुल के,
चलो संभल के,
सुनो ध्यान से,
पढ़ो मनोयोग से,
गाओ सुर में,
बजाओ ताल में,
नाचो जम के,
खिलाओ दिल से,
खाओ बैठ के,
पियो सीमा में,
ध्यान शून्य में,
सोओ तान के,
बोलो वक्त पे।
आज के लिए बस इतना ही।
ज्यादा लिखूँगा तो
लोग मुझे,
व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी का,
ग्रैजूएट समझेंगे।
-संदीप गुप्ता SandySoil


