जो लोग जीत को एक बीज मानते हैं,
और उसे विनम्रता की धूप,
और आभार के पानी से सींचते हैं,
उनकी जीत उससे उपजे पेड़ सम चिरायु होती है।
जो लोग जीत तो एक फलदाई वृक्ष मानते हैं,
उनकी जीत उतनी ही टिकती है,
जितनी कि उस पेड़ पर फल।
~संदीप गुप्ता


जो लोग जीत को एक बीज मानते हैं,
और उसे विनम्रता की धूप,
और आभार के पानी से सींचते हैं,
उनकी जीत उससे उपजे पेड़ सम चिरायु होती है।
जो लोग जीत तो एक फलदाई वृक्ष मानते हैं,
उनकी जीत उतनी ही टिकती है,
जितनी कि उस पेड़ पर फल।
~संदीप गुप्ता