वो बोलता गया,

मैं सुनता गया,

वो बोलने का हुनर सीखता गया,

मैं सुनने का हुनर सीखता गया।

बोलते बोलते वो चिल्लाना सीख गया,

सुनते सुनते मैं चुप रहना सीख गया।

इससे पहले कि मैं बुत बन जाऊँ,

मुझे भी बोलना सीखना होगा।


-संदीप गुप्ता SandySoil