एक वो हैं,

जो दवा भी ख़रीद लेते हैं, 

दुआ भी ख़रीद लेते हैं।

और एक वो हैं,

जो दवा को तरस जाते हैं,

सिर्फ किसी दुआ की आहट पे जीते हैं।


-संदीप गुप्ता SandySoil