1 min read 810.8K reads

चंद लम्हे तेरे


शुक्रगुज़ार हूँ तेरा कि,चुराने दिए चंद लम्हे तूने,अपनी ज़िंदगी के मुझे।तेरा कुछ ना गया,पर मेरी ज़िंदगी सँवर गयी।

— संदीप गुप्ता SandySoil
Read more Earn more Learn more