मुलाक़ात आज भी हुई उससे,
न थी कोई दूरी,
न कोई मजबूरी,
कोई न था दरमियान,
बात दिल की मगर,
आज भी रह गयी अधूरी।
~संदीप गुप्ता SandySoil


मुलाक़ात आज भी हुई उससे,
न थी कोई दूरी,
न कोई मजबूरी,
कोई न था दरमियान,
बात दिल की मगर,
आज भी रह गयी अधूरी।
~संदीप गुप्ता SandySoil