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बारिश में इस बार

बारिश में इस बार,

याद रखना

भीगना है अकेले ही। 

बौछारें तेज़ हो कितनी भी,

दिल और छाता,

फड़फड़ाये कितना भी,

न दिल की सुनना,

न छाते की।

दिल टूट जाए, टूट जाने देना,

वो रूठ

Tag: poetry और3 अन्य
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