आज आसमान से मुलाक़ात हुई।
नहीं! मैं नहीं गया उससे मिलने,
वो ही आ गया था।
कुछ दिनो से स्पष्ट देख पा रहा हूँ,
तुम्हे, और धरा को।
जाँचने आया था,
कि दृष्टि भ्रम तो नहीं हुआ है मुझे कहीं।
नीचे धरा पे लॉक-डाउन है,
तुम तो बाहर निकलोगे नहीं,
सोचा मैं ही चलता हूँ,
सच का पता कर आता हूँ।
लॉक-डाउन के बाद भी,
क्या इतना ही स्पष्ट,
देख पाउँगा मैं?
तुम्हें, और धरा को!
सोच कर, सच सच बताओ!
चाहो तो सिर्फ हाँ या ना में ही बताओ।
तब से मैं असमंजस में हूँ,
कि मैं आसमान को 'हाँ' बताऊँ या 'ना' बताऊँ।
-संदीप गुप्ता SandySoil
#savetheearth
*सुना है और देखा भी है कि कोरोना के लॉक-डाउन में प्रदूषण(सभी प्रकार का) कम हुआ है।


