कोई मेरे लिए दुआ न करो

जिंदगी की मुझे सज़ा न करो


प्यार जिससे हुआ वही है खुदा

पाप है उसका जो कहा न करो


हर जगह पर है उसकी परछाई

मेरे कमरे को अब भरा न करो


प्यार को प्यार तब कहो तो ठीक

एक हो जाए बस दूजा न करो


उसने बोला है भूल जाने को

नाम उसका अभी पूछा न करो


कहने सुनने को और भी है बहोत

प्यार की बात हर दफा न करो


जान जाएंगे लोग सब 'संदीप'

शेर पर शेर तुम लिखा न करो


संदीप पुजारा