वो बारिश की बूंदे वो महकी हवा,होगी मोहब्बत तुमसे कितनी दफा,दिल से यही सदा है निकली,न कभी तुम हमसे न कभी हम तुमसे हो खफा।
वो बारिश की बूंदे वो महकी हवा,होगी मोहब्बत तुमसे कितनी दफा,
दिल से यही सदा है निकली,न कभी तुम हमसे न कभी हम तुमसे हो खफा।